असम में शुक्रवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी को उस समय तगड़ा झटका लगा, जब उसके प्रमुख विधायक में से एक रूपज्योति कुर्मी ने पार्टी से इस्तीफा दे दी और सोमवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का एलान कर दिया। इसके घटना के कुछ ही देर बाद कांग्रेस ने अपने चार बार के विधायक को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया। कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए, चाय समुदाय के इस नेता रूपज्योति कुर्मी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी में केवल एक परिवार खास की बात सुनी जाती है। कांग्रेस पार्टी ने युवा नेताओं को सुनना-समझना बंद कर दिया है और अगर यही हालात चलते रहे तो पार्टी का पतन एक दिन निश्चित तय है।

श्री रूपज्योति कुर्मी ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, राहुल गाँधी जी परिवर्तन नहीं ला सकते। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के पतन के लिए सिर्फ गाँधी-परिवार जिम्मेदार हैं। हाल के राज्य विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की बुरी तरह से हार इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि अगर कांग्रेस राहुल गांधी को महत्व देती है तो कांग्रेस पीड़ित रहेगी और पार्टी अपनी प्रासंगिकता खोती रहेगी, और धीरे-धीरे पतन हो जाएगी। श्री रूपज्योति कुर्मी ने कहा कि उन्होंने असम विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी और अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दोनों को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। श्री रूपज्योति कुर्मी के पार्टी से निष्कासन के बाद, असम प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य रिपुन बोरा ने इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

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