Jinnah Tower Controversy

Jinnah Tower Controversy : इन दिनों आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्थित जिन्ना टॉवर (Jinnah Tower) एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। बीते मंगलवार को YSRCP के स्थानीय विधायक मोहम्मद मुस्तफा (MLA Mohammed Musthafa) ने इसे तिरंगे के रंग में रगंवा दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग संगठनों की अपील के बाद टॉवर को तिरंगे में रंगने का निर्णय लिया गया। टॉवर के पास राष्ट्रीय ध्वज (National flag) फहराने के लिए एक खम्भे का भी निर्माण किया गया है।

आपको बता दें कि गुरुवार को जिन्ना टॉवर पर तिरंगा फरहाने के लिए जरूरी इंतजाम भी किए जाएंगे। स्थानीय विधायक मोहम्मद मुस्तफा ने आजादी में मुसलमानों के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिम नेताओं ने ब्रिटिश राज (British rule) के खिलाफ आवाज उठाई। तत्पश्चात आजादी के बाद कुछ मुस्लिम नेताओं (Muslim leaders) ने भारत छोड़ दिया और पाकिस्तान (Pakistan) में अपना ठिकाना बना लिया। चूंकि हम अपने देश में भारत में रहना चाहते थे इसलिए यहीं रुके रहे क्योंकि हम अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं।

Jinnah Tower Controversy : जानें क्या है पूरा मामला 

जिन्ना टॉवर अभी कुछ दिन पहले जब सुर्खियों में आया जब हिन्दू युवा वाहिनी (Hindu Yuva Vahini) के कार्यकर्ताओं ने यहां तिरंगा फहराने की कोशिश की। हालांकि पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा के आंध्र प्रदेश प्रमुख सोमू वीरराजू ने जिन्ना टॉवर (Jinnah Tower) का नाम बदलने की मांग की। मालूम हो कि इस टॉवर का नाम पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) के नाम पर रखा गया है। वीरराजू ने कहा कि चूंकि जिन्ना भारत के विभाजन का कारण थे, इसलिए राज्य सरकार को टॉवर का नाम बदलना चाहिए।

वीरराजू ने कहा कि हम किसी टावर (Jinnah Tower Controversy) या क्षेत्र के लिए एक ऐसे व्यक्ति के नाम का उपयोग कैसे कर सकते हैं, जो देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार था। भाजपा नेता ने कहा कि जहां भी देशद्रोहियों के नाम हैं, उन्हें हटा दिया जाना चाहिए। इस बीच तेलंगाना में भाजपा विधायक राजा सिंह ने भी मांग की कि आंध्र प्रदेश सरकार (Government of Andhra Pradesh) जिन्ना टॉवर का नाम तुरंत बदले।

Where is Jinnah Tower : कहां है जिन्ना टॉवर

हैदराबाद में गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र (Goshamahal Constituency) का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक राजा सिंह (MLA Raja Singh) ने मांग की कि टॉवर का नाम स्वतंत्रता सेनानी अबुल कलाम (Freedom Fighter Abul Kalam) या गुरराम जशुआ (Gurram Jashua) के नाम पर रखा जाए। उल्लेखनीय है कि गुंटूर (Guntur) में जिन्ना टॉवर शहर का मुख्य सीमा-चिह्न् माने जाने वाले महात्मा गांधी रोड (Mahatma Gandhi Road) स्थित एक प्रमुख स्थल है। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धों और संघर्षो के बावजूद यह टॉवर शांति और सद्भाव के प्रतीक के रूप में खड़ा है।

इस टॉवर को इस्लामी वास्तुकला (Islamic Architecture) का प्रतीक माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार जिन्ना के प्रतिनिधि लियाकत अली खान (Liaquat Ali Khan) की गुंटूर यात्रा के बाद एक स्थानीय मुस्लिम नेता लाल जन बाशा (Muslim leader Lal Jan Basha) ने इस टॉवर का निर्माण कराया था।

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक एवं फॉलो करें तथा विस्तार से न्यूज़ पढने के लिए हिंदीरिपब्लिक.कॉम विजिट करें।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here