नाटो (NATO) संगठन के सदस्य देशों ने सामूहिक रक्षा प्रावधान सबके लिए एक, एक के लिए सब को और मजबूती प्रदान करते हुए इसमें बाहरी अंतरिक्ष में होने वाले हमलों के खिलाफ भी एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। इस अंतर्राष्ट्रीय सैन्य संगठन के एक वरीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानि नार्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नाटो) के समझौते के अनुच्छेद पांच के अनुसार, गठबंधन के 30 में से किसी भी सहयोगी पर हमले को सभी पर हमला माना जाएगा। अब तक यह केवल परंपरागत सैन्य हमलों से ही संबंधित था लेकिन हाल ही में इसमें बढ़ते साइबर अपराधों की वजह से इसमें साइबर हमलों को भी जोड़ा गया था। नाटो (NATO) के नेताओं ने एक साझा वक्तव्य में ये कहा कि वे मानते हैं कि बाह्य अंतरिक्ष में, अंतरिक्ष से और अंतरिक्ष पर हमला नाटो के लिए चुनौती हो सकता है जो राष्ट्रीय, यूरो एटलांटिक क्षेत्र की समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा हो और यह आज के मॉडर्न सभ्यताओं एवं समाजों के लिए परंपरागत हमले की तरह ही हानिकारक हो सकता है।

उन्होंने कहा, ऐसा हमला होने के सूरत में अनुच्छेद पांच प्रभावी हो जाएगा। पृथ्वी की निरंतर परिक्रमा करने वाले करीब 2000 में से आधे उपग्रहों का संचालन एवं कण्ट्रोल नाटो (NATO) देशों के पास है, जो मोबाइल फोन, बैंकिंग सेवाओं से लेकर मौसम-पूर्वानुमान आदि सर्विसों से जुड़े हैं। इनमें से कई उपग्रह ऐसे हैं जिनका इस्तेमाल सैन्य कमांडर नौवहन, संचार, खुफिया जानकारियां बांटने के लिए तथा मिसाइल लांच का पता लगाने के लिए करते हैं। आपको बता दें कि नाटो के इस सामूहिक रक्षा प्रावधान को अब तक केवल एक बार, अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमले के चलते प्रभावी किया गया था। उस समय भी सभी सदस्य देश अमेरिका के समर्थन में एकजुट हो गए थे। वहीँ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा अनुच्छेद पांच नाटो सहयोगियों के बीच एक पवित्र दायित्व है। उन्होंने कहा मैं पूरे यूरोप को यह बताना चाहता हूं कि अमेरिका आपके लिए हर मुश्किल समय में खड़ा है, अमेरिका आपके लिए है।

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