प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन के संपर्क सत्र को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन अर्थ, वन हेल्थ का मंत्र दिया। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र वन अर्थ, वन हेल्थ का अपने संबोधन में जिक्र किया और उनके इस संदेश का समर्थन करते हुए आभार व्यक्त किया। सम्मलेन के दौरान, COVID-19 वैक्सीन पर पेटेंट छूट के लिए विश्व व्यापारिक संगठन (WTO) में भारत-दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव को अंकित किया गया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने COVID-19 वैक्सीन पेटेंट छूट के बारे में प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुयी अपनी बैठक का उल्लेख करते हुए हर संभव मदद मुहैया कराने का वादा किया और इस विषय पर अपने देश के तरफ से मजबूत समर्थन देने का वादा किया। पीएम मोदी 13 जून को भी सत्र को संबोधित करेंगे। वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉनसन के आमंत्रण पर डिजिटल माध्यम से इस शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं।

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बता दें कि ब्रिटेन इस G-7 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है और उसने भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण कोरिया को जी-7 सम्मेलन में आमंत्रित किया है। जी-7 (G-7) में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका और ब्रिटेन के साथ ही यूरोपियन यूनियन शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस संपर्क सत्र को संबोधित किया उसका शीर्षक बिल्डिंग बैक स्ट्रॉन्गर–हेल्थ था। यह कोरोना वायरस महामारी से फैली वैश्विक समस्या और भविष्य की महामारियों के खिलाफ मानवता को मजबूत करने पर केंद्रित था। संपर्क सत्र के दौरान, प्रधानमंत्री ने भारत में COVID-19 संक्रमण की वर्तमान लहर के दौरान G-7 और अन्य अतिथि देशों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण समर्थन की सराहना की। उन्होंने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और वैक्सीन प्रबंधन के लिए ओपन सोर्स डिजिटल टूल्स के भारत के सफल उपयोग के बारे में भी बताया, और अन्य विकासशील देशों के साथ अपने अनुभव और विशेषज्ञता को अन्य देशों के साथ साझा करने की भारत की इच्छा से अवगत कराया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक स्वास्थ्य इंडेक्स में सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों के लिए भारत के समर्थन की प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने COVID-19 संबंधित टेक्नोलोजी पर TRIPS छूट के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (WTO) में प्रस्तावित प्रस्ताव के लिए G7 का समर्थन मांगा। पीएम मोदी ने कहा कि आज की बैठक से पूरी दुनिया के लिए वन अर्थ,वन हेल्थ का संदेश जाना चाहिए। भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए वैश्विक एकता, नेतृत्व और एकजुटता का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस संबंध में लोकतांत्रिक, शसक्त और पारदर्शी समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल जी-7 शिखर सम्‍मेलन के अंतिम दिन में भाग लेंगे और दो सत्र को संबोधित करेंगे। यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री जी-7 (G-7) के शिखर सम्मलेन में शामिल हुए। वर्ष 2019 में फ्रांस की अध्यक्षता में हुए जी-7 के शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रित किया गया था। इस सम्मेलन के ‘जलवायु, जैव विविधता और महासागर और डिजिटल बदलाव से जुड़े सत्रों में प्रधानमंत्री ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी। इस बार शिखर सम्मेलन की थीम (THEME) टिकाऊ सामाजिक-औद्योगिक बहाली है।

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